मुफ्त तीर्थ यात्रा सेवा

अभियान का उद्देश्य

महाविद्या चैरिटेबल ट्रस्ट का मानना है कि जीवन के उत्तरार्ध में पवित्र तीर्थ स्थलों के दर्शन करना हर बुजुर्ग की इच्छा होती है। परंतु आर्थिक तंगी, बेसहारा होने या शारीरिक असमर्थता के कारण हमारे समाज के कई बुजुर्ग और जरूरतमंद श्रद्धालु अपनी इस पावन इच्छा को पूरा नहीं कर पाते। इसी सेवा भावना को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट द्वारा 'मुफ्त तीर्थ यात्रा अभियान' की शुरुआत की गई है।

इस अभियान के माध्यम से हमारा उद्देश्य केवल यात्रा कराना नहीं, बल्कि हमारे बुजुर्गों को आदर-सम्मान देना और उनके जीवन में आध्यात्मिक खुशी लाना है। महाविद्या सेवा टीम यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित परिवहन, सात्विक भोजन, ठहरने की उत्तम व्यवस्था और चिकित्सा सहायता पूरी तरह निशुल्क सुनिश्चित करती है।

2,000+

लाभान्वित तीर्थयात्री (बुजुर्ग)

12+

पूर्ण किए गए पावन तीर्थ रूट

50+

समर्पित सेवादार / स्वयंसेवक

हम यह कैसे करते हैं?

ट्रस्ट द्वारा विशेष बसों या ट्रेनों के माध्यम से यात्रा की सुचारू रूपरेखा तैयार की जाती है। प्रस्थान से पहले सभी इच्छुक और जरूरतमंद बुजुर्गों का पंजीकरण (Registration) किया जाता है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की देखभाल के लिए महाविद्या चैरिटेबल ट्रस्ट के समर्पित स्वयंसेवक (सेवादार) पूरे समय उनके साथ रहते हैं, जो उनकी हर छोटी-बड़ी सुविधा का ध्यान रखते हैं और आदर पूर्वक दर्शन करवाते हैं।